July 23, 2026 8:09 pm

साय कैबिनेट के बड़े फैसले: ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CG-CBG नीति को मंजूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण रोजगार, आजीविका और हरित ऊर्जा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने ग्रामीण परिवारों के लिए 125 दिन की रोजगार गारंटी देने वाली नई योजना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना तथा छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति-2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी।

ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी

कैबिनेट ने ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना’ के प्रारूप का अनुमोदन किया। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी।

योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण, आजीविका परिसंपत्तियों के विकास और टिकाऊ रोजगार सृजन पर विशेष जोर रहेगा। विकास कार्यों की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीक और आधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा। योजना के संचालन में केंद्र और राज्य के बीच व्यय का अनुपात 60:40 रहेगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना को मंजूरी

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना शुरू करने का निर्णय लिया। इसके तहत गांवों में हथकरघा, बुनाई, हस्तशिल्प, डेयरी, राइस मिल, दलहन-तिलहन प्रसंस्करण इकाइयां, कोल्ड स्टोरेज, कृषि उपकरण मरम्मत केंद्र, अटल डिजिटल केंद्र, विपणन और आपूर्ति केंद्र विकसित किए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य उपलब्ध अधोसंरचना और मशीनरी का बेहतर उपयोग कर स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। योजना के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

CG-CBG नीति-2026 को भी मिली मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति-2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी। नई नीति के तहत कृषि अवशेष, नगरीय ठोस अपशिष्ट, पशुधन अपशिष्ट और अन्य जैविक संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन कर उन्हें कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) में परिवर्तित किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इससे अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा, पर्यावरण संरक्षण होगा, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी और जैव उर्वरक उत्पादन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के अनुसार राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख टन CBG उत्पादन की संभावना है। नीति के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को राज्य की नोडल एजेंसी बनाया गया है।

प्रमुख फैसले एक नजर में

  • ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की वैधानिक गारंटी।
  • योजना के लिए 2026-27 में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना शुरू करने का निर्णय।
  • गांवों में प्रसंस्करण, विपणन, सेवा और डिजिटल केंद्र विकसित होंगे।
  • CG-CBG नीति-2026 को मंजूरी, जैविक अपशिष्ट से बायोगैस उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा।

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