छत्तीसगढ़ विधानसभा में कई विभागों के बजट पारित, पर्यटन से लेकर ग्रामीण विकास व खाद्य सुरक्षा तक बड़े प्रावधान
रायपुर, 10 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को विभिन्न विभागों की अनुदान मांगें पारित की गईं। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह, जेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभागों के लिए हजारों करोड़ रुपए के बजट प्रावधानों को सदन ने मंजूरी दी। सरकार ने इन बजटों में पर्यटन विकास, ग्रामीण अधोसंरचना, कानून-व्यवस्था, विज्ञान शिक्षा, किसानों को भुगतान और गरीबों की खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर
पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल के विभागों के लिए वर्ष 2026-27 में कुल 492 करोड़ 20 लाख रुपए की अनुदान मांगें पारित की गईं। इसमें पर्यटन विभाग के लिए 344 करोड़ रुपए, संस्कृति विभाग के लिए 98.20 करोड़ रुपए तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत वृद्धि की गई है। इसके तहत मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटन स्थलों की अधोसंरचना, स्वच्छता, पेयजल और पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 36 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसके अलावा शक्तिपीठ भ्रमण योजना के लिए 5 करोड़ रुपए तथा छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत आम नागरिकों को आईआरसीटीसी के माध्यम से पर्यटन स्थलों की यात्रा पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का निर्णय लिया है, जिसके लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
पर्यटन क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसके तहत भोरमदेव कॉरिडोर, जशपुर जिले के मयाली-बगीचा क्षेत्र, कैलाश गुफा तथा अन्य पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा।
सिरपुर को बौद्ध थीम पर हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं नया रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है।
संस्कृति विभाग के तहत राजकीय मानव संग्रहालय, छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय और अभिलेखागार के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाकर 2 हजार से 5 हजार रुपए प्रतिमाह कर दी गई है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 16,560 करोड़
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हजार 560 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गठन के बाद लंबित 18 लाख से अधिक आवासों के निर्माण को मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 4265 करोड़ रुपए तथा मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत हजारों परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं।
ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2237.97 करोड़ रुपए तथा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के लिए 4000 करोड़ रुपए, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़ रुपए तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 850 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
गृह विभाग: पुलिस आधुनिकीकरण और नए पद
गृह मंत्री के रूप में विजय शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग के लिए कुल 7721.01 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें 7130.48 करोड़ रुपए राजस्व व्यय तथा 590.53 करोड़ रुपए पूंजीगत व्यय शामिल हैं।
राज्य में साइबर अपराध से निपटने के लिए नवा रायपुर पुलिस मुख्यालय में आधुनिक आईटी सेंटर स्थापित किया जाएगा और कई जिलों में नए साइबर थाने बनाए जाएंगे।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने के लिए 15 नए पुलिस थानों की स्थापना, 8 चौकियों का उन्नयन तथा हजारों नए पदों की स्वीकृति दी गई है।
जेलों का उन्नयन और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था
राज्य की जेलों में बंदियों को परिजनों से संवाद की सुविधा देने के लिए 16 जेलों में प्रिजन कॉलिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा। जेल भवनों के निर्माण व मरम्मत के लिए 70 करोड़ रुपए तथा बंदी बैरकों के निर्माण के लिए 31 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
फॉरेंसिक जांच को मजबूत करने के लिए 10 जिलों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट स्थापित की जाएंगी और न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में 225 करोड़ का प्रावधान
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 225 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसके तहत शोधार्थियों को देश की प्रमुख वैज्ञानिक संस्थाओं के भ्रमण के लिए विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान शुरू किया जाएगा।
सूरजपुर जिले के मायापुर में कर्क रेखा पर एस्ट्रो साइंस सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव है। इसके अलावा सरगुजा, बलरामपुर, बस्तर, जशपुर और रायगढ़ में नए साइंस पार्क बनाए जाएंगे।
खाद्य विभाग के लिए 6216 करोड़ से अधिक का बजट
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल के विभाग के लिए 6216 करोड़ 73 लाख 82 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित की गईं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों से 141 लाख टन धान की खरीदी की गई, जिसकी कुल कीमत करीब 33 हजार 431 करोड़ रुपए रही। अधिकांश किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान किया गया।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 73 लाख से अधिक राशन कार्डधारियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत दिसंबर 2028 तक मुफ्त चावल दिया जाएगा। इसके लिए 11,300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
पोषण सुरक्षा के लिए राशन के साथ नमक, चना और गुड़ भी वितरित किया जा रहा है। नमक वितरण योजना के लिए 150 करोड़ रुपए, चना योजना के लिए 450 करोड़ रुपए और बस्तर संभाग में गुड़ वितरण के लिए 75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए 181 नई उचित मूल्य दुकानों की शुरुआत की है तथा 3.32 लाख नए राशन कार्ड जारी किए गए हैं।
रोजगार और विकास के अवसर बढ़ने की उम्मीद
सरकार का कहना है कि इन बजट प्रावधानों से पर्यटन, ग्रामीण विकास, कानून व्यवस्था, विज्ञान शिक्षा और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे तथा राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। सदन में अनुदान मांगों के पारित होने के साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष में इन योजनाओं के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।













