रायपुर/ 01 दिसंबर 2025/ प्रधानमंत्री ने रायपुर में पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में आयोजित किया गया। तीन दिवसीय सम्मेलन का विषय विकसित भारत: सुरक्षा आयाम रखा गया था। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस की छवि को आधुनिक भारत की जरूरतों के अनुरूप बदलना होगा और युवाओं के बीच पुलिस के प्रति सकारात्मक धारणा विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को पुलिस व्यवस्था का मूल आधार बताने की जरूरत पर बल दिया।
प्रधानमंत्री ने शहरी पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने, पर्यटक पुलिस को सक्रिय रूप से तैनात करने और नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता—के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस को राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड के एकीकृत डेटाबेस का बेहतर उपयोग करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विश्लेषण को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को फोरेंसिक आधारित जांच से संबंधित अध्ययन और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने की बात भी कही।
प्रधानमंत्री ने प्रतिबंधित संगठनों पर नियमित निगरानी रखने की व्यवस्था विकसित करने, वामपंथी उग्रवाद से मुक्त क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने और तटीय सुरक्षा को नवाचारपूर्ण मॉडल के माध्यम से मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए प्रवर्तन, पुनर्वास और सामुदायिक हस्तक्षेप को साथ लेकर चलने की जरूरत है।
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। इनमें विजन 2047 के अनुरूप पुलिस व्यवस्था का दीर्घकालिक रोडमैप, आतंकवाद-निरोध और कट्टरपंथ-निरोध के नए रुझान, महिलाओं की सुरक्षा में तकनीक की भूमिका, विदेशों में रह रहे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की रणनीतियां और फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत बनाने जैसे विषय शामिल रहे।
प्रधानमंत्री ने आपदा प्रबंधन को लेकर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपात स्थितियों का सामना करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय और सक्रिय योजना अनिवार्य है। उन्होंने मौजूदा चक्रवात दित्वा का उल्लेख करते हुए राज्यों को प्रभावी आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने की सलाह दी।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को नव स्थापित शहरी पुलिस व्यवस्था पुरस्कार भी प्रदान किए।
सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव समेत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक शामिल हुए। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने भी भाग लिया, जबकि देशभर के 700 से अधिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।













