नई दिल्ली/29 नवंबर 2025/ वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में भारत की GDP वृद्धि दर 8.2% पर पहुंच गई है। यह बीते वर्ष की समान अवधि की 5.6% वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक है। सरकार ने इस मजबूत प्रदर्शन का श्रेय विकास-केंद्रित नीतियों, नीतिगत स्थिरता और विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सुधारों को दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रिकॉर्ड वृद्धि को देश के लोगों की मेहनत और उद्यमशीलता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार जीवन को आसान बनाने और सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी GDP के मजबूत आंकड़ों को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नीतिगत स्थिरता और दीर्घकालिक विकास की रणनीति का नतीजा बताया।
पहली छमाही में 8% की वृद्धि
जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष की पहली छमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 8% रही, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही के 6.1% से अधिक है। इस दौरान नॉमिनल GDP में भी 8.7% की बढ़त दर्ज की गई।
कौन से सेक्टर आगे बढ़े?
सरकार के बयान के अनुसार, रियल GDP में तेज उछाल का मुख्य कारण द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों का मजबूत प्रदर्शन है:
- द्वितीयक क्षेत्र की वृद्धि: 8.1%
- मैन्युफैक्चरिंग: 9.1%
- कंस्ट्रक्शन: 7.2%
- तृतीयक क्षेत्र की वृद्धि: 9.2%
- फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सेवाएं: 10.2%
सरकार ने कहा कि इन क्षेत्रों में लगातार मजबूती भारत की आर्थिक गति को आने वाले महीनों में और तेज कर सकती है।













