March 26, 2026 2:03 am

अभिनेता धर्मेंद्र का 89 वर्ष की उम्र में निधन, पूरे देश में शोक; पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

 

मुंबई — हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ और छह दशक से अधिक समय तक फिल्म उद्योग पर राज करने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर को 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे अभिनेता ने मुंबई के जुहू स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।

परिवार और फिल्म जगत ने दी अंतिम विदाई

धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान घाट में किया गया, जहाँ पूरा देओल परिवार—हेमा मालिनी, सनी देओल, बॉबी देओल, ईशा देओल—और तमाम करीबी रिश्तेदार मौजूद रहे। अमिताभ बच्चन भी अपने पुराने दोस्त और सह-कलाकार को अंतिम विदाई देने पहुँचे। बताया जाता है कि अभिनेता को मुखाग्नि उनके बड़े बेटे सनी देओल ने दी।

अभिनेता 8 दिसंबर को अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे, लेकिन उससे मात्र 14 दिन पहले उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

बीमारी से जूझ रहे थे धर्मेंद्र

पिछले कई हफ्तों से उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही थी, जिसके चलते उन्हें 10 नवंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी तबीयत नाजुक होने पर उन्हें ICU में भी रखा गया। इससे पहले भी उन्हें 31 अक्टूबर को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया था। परिवार के अनुरोध पर 12 नवंबर को उन्हें घर ले जाकर वहीं इलाज जारी रखा गया, लेकिन अंततः वे बीमारी से जंग हार गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का श्रद्धांजलि संदेश

धर्मेंद्र के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक संदेश साझा करते हुए कहा:
“धर्मेंद्र जी का जाना भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है। वे एक आइकॉनिक फिल्म व्यक्तित्व थे, जिन्होंने हर भूमिका को गहराई और आकर्षण से निभाया। चाहे गंभीर किरदार हों या रोमांटिक, उन्होंने हर दिल को छुआ। उनकी सरलता, विनम्रता और गर्मजोशी अद्भुत थी। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार, मित्रों और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी व्यक्त किया गहरा दुख

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा:
“वरिष्ठ अभिनेता और पूर्व सांसद धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने दशकों लंबे करियर में कई यादगार भूमिकाएँ निभाईं। एक towering personality के रूप में वे ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी। उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएँ।”

फिल्मी सफर: 300 से अधिक फिल्मों के हीरो

1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से डेब्यू करने वाले धर्मेंद्र ने ‘फूल और पत्थर’, ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘जीवन मृत्यु’, ‘मेरा गाँव मेरा देश’, ‘यादों की बारात’, ‘सीता और गीता’ जैसी अनगिनत फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं। 1987 में एक ही वर्ष में सात लगातार हिट फिल्में देने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।

बाद के वर्षों में भी ‘लाइफ इन ए… मेट्रो’, ‘अपने’, ‘यमला पगला दीवाना’, ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।

अमर रहेंगे धर्मेंद्र

चाहे अभिनय हो, व्यक्तित्व हो या जीवन के किस्से—धर्मेंद्र ने जिस प्रेम और सम्मान से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई, वह हमेशा बनी रहेगी। वे भले अब हमारे बीच नहीं हैं, मगर उनकी फिल्में, उनकी मुस्कान और उनकी सादगी भारतीय सिनेमा के इतिहास में सदा अमर रहेंगी।

 

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