Iran Israel War: खामेनेई की मौत के बाद जंग भड़की, जामकरान मस्जिद पर लाल झंडा; 1,200 बम गिराने का दावा
नई दिल्ली, 1 मार्च 2026
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच टकराव अब खुली जंग में बदलता दिख रहा है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद पश्चिम एशिया में हालात बेहद विस्फोटक हो गए हैं। ईरान ने 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। देशभर में मातम का माहौल है और जामकरान मस्जिद पर लाल झंडा फहराया गया है, जो शिया परंपरा में “खून का बदला खून” लेने का प्रतीक माना जाता है।
इजरायल की वायु सेना ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के साथ मिलकर पिछले 24 घंटों में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराए। रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार को खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलों से हमला किया गया। उस समय वह शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ बैठक कर रहे थे। हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद करीब 40 कमांडर भी मारे गए।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार देर रात खामेनेई के मारे जाने का ऐलान किया था। इसके कुछ देर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी मौत की पुष्टि का दावा किया। रविवार सुबह ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसियों ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ ने खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी। ईरानी इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा, “हमने एक महान नेता खो दिया है और पूरा देश शोक मना रहा है।”
खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने इजरायल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से नए हमले शुरू कर दिए हैं। खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेसों को भी निशाना बनाया गया है। यूएई में एक ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत और कई के घायल होने की खबर है। ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर भी हमला हुआ, जिससे क्षेत्र में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने हमले तेज किए तो अमेरिका “पहले से भी ज्यादा ताकत” से जवाब देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी बड़े हमले का अभूतपूर्व जवाब देने के लिए तैयार है। दूसरी ओर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने दावा किया कि ईरान हर हालात के लिए तैयार है। वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल को ऐसा जवाब मिलेगा जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे।
ईरान में जगह-जगह लोग सड़कों पर उतर आए हैं। अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। खामेनेई की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। दुनिया भर के शिया समुदायों में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। भारत के कश्मीर, लखनऊ और अन्य शहरों में भी शिया समुदाय ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया है।
पाकिस्तान में भी हालात तनावपूर्ण हो गए। कराची स्थित अमेरिकी मिशन में घुसने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत की खबर है। कई अन्य लोग घायल हुए हैं।
इस बीच, ईरान में अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा, इस पर चर्चा तेज हो गई है। संविधान के अनुसार 88 सदस्यीय ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। कुछ रिपोर्टों में खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई का नाम सामने आया है, हालांकि आधिकारिक प्रक्रिया अभी बाकी है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने हमलों की निंदा करते हुए सभी पक्षों से तत्काल संयम बरतने और बातचीत शुरू करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात काबू में नहीं आए तो व्यापक क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है, जिसके गंभीर वैश्विक परिणाम होंगे।
तेल बाजार, वैश्विक शेयर बाजार और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इस संघर्ष का असर दिखने लगा है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं और खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन पश्चिम एशिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।













