रायपुर, 20 दिसंबर 2025।
छत्तीसगढ़ में संरचनात्मक सुधारों के चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और निवेश प्रस्ताव तेजी से जमीन पर उतर रहे हैं। नवंबर 2024 से अब तक राज्य को 18 क्षेत्रों में 7.83 लाख करोड़ रुपये के 219 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे करीब 1.5 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है।
यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने पत्रकार वार्ता में दी। इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, उद्योग सचिव रजत कुमार, संचालक उद्योग प्रभात मलिक और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेष कुमार मौजूद थे।
मंत्री ने बताया कि निवेश अब केवल रायपुर तक सीमित नहीं हैं। प्रस्तावित निवेशों में 21 प्रतिशत आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में, 33 प्रतिशत रायपुर संभाग में और 46 प्रतिशत बिलासपुर, दुर्ग व सरगुजा संभागों में हैं।
उन्होंने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत निवेश सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर पार्क, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, टेक्सटाइल, फार्मा जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में हैं। कुल प्रस्तावों में 57 परियोजनाएं 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की हैं, जबकि 34 परियोजनाएं 1,000 से ज्यादा रोजगार देने वाली हैं।
मंत्री ने बताया कि 6,063 करोड़ रुपये की 9 बड़ी परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, जिनसे 5,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा 109 परियोजनाएं उन्नत चरण में हैं, जो 24 जिलों में फैली हैं और आगे चलकर 87,132 रोजगार सृजित करेंगी।
प्रमुख परियोजनाओं में पोलिमेटेक की 10,000 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, रेकबैंक का 1,000 करोड़ रुपये का एआई डेटा सेंटर पार्क, ड्रोल्स का 625 करोड़ रुपये का पेट फूड प्रोजेक्ट, अल्ट्राटेक सीमेंट का 1,600 करोड़ रुपये का निवेश, आदित्य बिड़ला समूह का 67.5 मेगावाट सोलर प्लांट और बस्तर में 350-बेड का अस्पताल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन रहा है और सरकार उद्योगों को हर स्तर पर सहयोग दे रही है।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सुधारों से पारदर्शिता आई है और सरल प्रक्रियाओं के कारण परियोजनाएं तेजी से लागू हो रही हैं।
उद्योग सचिव रजत कुमार ने कहा कि तेज भूमि आवंटन, डिजिटल स्वीकृतियों और बेहतर समन्वय से निवेश प्रस्तावों के बाद कार्य में देरी नहीं हो रही है।
मंत्री ने बताया कि 132 स्वीकृतियों के लिए वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम, जन विश्वास अधिनियम के तहत 279 अपराधों का अपराधमुक्तिकरण, स्वचालित भूमि म्यूटेशन, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड, एकीकृत भवन स्वीकृति प्रणाली, 24×7 फायर एनओसी जैसी सुविधाएं लागू की गई हैं। इन सुधारों के चलते डीपीआईआईटी ने राज्य को चार श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा दिया है।













