रायपुर, 15 दिसंबर 2025।
प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ के आवास एवं पर्यावरण विभाग ने अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। किफायती आवास, बेहतर शहरी सुविधाएं, पर्यावरण-अनुकूल विकास और डिजिटल गवर्नेंस के जरिए नागरिकों के जीवन स्तर में ठोस सुधार हुआ है।
छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेसवार्ता में मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल 735 करोड़ रुपये के ऋण और 3200 से अधिक अविक्रीत संपत्तियों की चुनौती से जूझ रहा था। राज्य सरकार ने हस्तक्षेप कर मंडल को पूर्णतः ऋणमुक्त किया। ओटीएस-2 योजना के तहत 30 प्रतिशत तक की छूट देकर केवल 9 महीनों में 1251 संपत्तियों का विक्रय किया गया, जिससे 190 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि भविष्य में अविक्रीत स्टॉक की समस्या से बचने के लिए नई मांग-आधारित निर्माण नीति लागू की गई है, जिसके तहत 60 प्रतिशत या प्रारंभिक 3 माह में 30 प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य होगा। इससे वित्तीय जोखिम घटेगा और वास्तविक मांग के अनुसार ही निर्माण होगा।
मंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल को मजबूत किया गया है। एआई आधारित चैटबॉट से 24×7 जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और कार्यालयों के चक्कर समाप्त हुए हैं।
नवा रायपुर बना निवेश और विकास का नया केंद्र
श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर देश का पहला ऋणमुक्त ग्रीनफील्ड शहर बन गया है। 1,345 करोड़ रुपये का संपूर्ण ऋण चुकाकर 5,030 करोड़ रुपये की भूमि और संपत्तियों को गिरवी-मुक्त किया गया है।
यहां 132 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश और 12,000 से अधिक रोजगार की संभावना है। सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में 1,800 करोड़ रुपये के निवेश से 10,000 नए रोजगार सृजित होंगे।
नवा रायपुर को टेक-हब, कॉन्फ्रेंस कैपिटल, वेडिंग डेस्टिनेशन और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। 400 करोड़ की इनलैंड मरीना परियोजना, 230 करोड़ की साइंस सिटी, 120 करोड़ का आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर और मेडी-सिटी जैसी परियोजनाएं शहर को नई पहचान दे रही हैं।
किफायती आवास और उद्योगों को बड़ी राहत
नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा किफायती जन आवास नियम-2025 लागू किया गया है। कृषि भूमि में भी किफायती आवास की अनुमति दी गई है। कालोनाइजर्स के लिए सामुदायिक खुले स्थान की अनिवार्यता 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है।
औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क चौड़ाई और ग्राउंड कवरेज के नियमों में भी शिथिलता दी गई है, जिससे उद्योगों को विस्तार में सुविधा मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण में तकनीक आधारित सख्ती
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा रियल-टाइम उत्सर्जन निगरानी प्रणाली लागू की गई है। स्वचालित नोटिस और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से नियमों के पालन में सख्ती आई है। कॉमन हज़ार्डस वेस्ट ट्रीटमेंट सुविधा अप्रैल 2025 से पूर्णतः क्रियाशील होगी, जिसकी क्षमता 60,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है।
मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि आवास एवं पर्यावरण विभाग की उपलब्धियां छत्तीसगढ़ को वित्तीय रूप से सक्षम, निवेश-अनुकूल, पर्यावरण-संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित राज्य के रूप में स्थापित कर रही हैं। नवा रायपुर अटल नगर इन सभी प्रयासों का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साहू, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, सचिव श्री अंकित आनंद सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।












