रायपुर, 5 अक्टूबर 2025 – छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य वैज्ञानिक और नवाचारी खनन के माध्यम से विकास और पारदर्शिता की नई कहानी लिख रहा है। नवा रायपुर में आयोजित इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान कई अहम घोषणाएं और समझौते किए गए, जिससे छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी खनन राज्यों में शामिल हो गया है।
कॉन्क्लेव में आईएसएम धनबाद और छत्तीसगढ़ भौमिकी एवं खनन संचालनालय के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण को लेकर एमओयू साइन किया गया। साथ ही कोल इंडिया और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के बीच भी अहम समझौता हुआ।
मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ पोर्टल 2.0 और रेत खदानों की ऑनलाइन नीलामी के लिए बनाए गए रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस दौरान राज्य के 5 खनिज ब्लॉकों की नई एनआईटी जारी की गई और 9 खदानों को प्रिफर्ड बिडर के आदेश दिए गए।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से भरपूर राज्य है और हाल की खोजों से यह राज्य क्रिटिकल और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में और अधिक सशक्त हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य को वर्ष 2024-25 में खनिज क्षेत्र से 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है और डीएमएफ से 1,673 करोड़ रुपये का अंशदान मिला है, जिससे 9,362 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने लिथियम ब्लॉक की नीलामी की है। अब तक राज्य में कुल 60 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी की जा चुकी है और आज पाँच नए ब्लॉकों की निविदा जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत जिला खनिज न्यास नियम 2025 लागू किए गए हैं, जिससे पारदर्शिता और कुशल प्रबंधन को बढ़ावा मिला है। भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को इस दिशा में सराहना भी मिली है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नई रेत नीति 2025 के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ी है और जल्द ही 200 से अधिक रेत खदानों की ई-नीलामी की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्लीन एनर्जी, ई-वेस्ट मैनेजमेंट और खनिज रिसाइक्लिंग के क्षेत्र में भी तेजी से काम हो रहा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने बताया कि राज्य में टिन स्लज से दो नए तत्वों का उत्पादन शुरू हुआ है। राज्य में वर्तमान में 28 प्रकार के खनिजों का खनन किया जा रहा है, जिनमें टिन, बॉक्साइट, कोयला, लाइमस्टोन और आयरन ओअर प्रमुख हैं।
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि नौ वर्षों बाद इस कॉन्क्लेव का पुनः आयोजन सराहनीय है। उन्होंने कहा कि खनिज नीति निर्माण में स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को मजबूत बनाया जा रहा है।
खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने प्रदेश में पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया, नवीन तकनीकों के उपयोग और विभाग की प्रमुख उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना की गाइडलाइन और डीएमएफ पोर्टल 2.0 का भी विमोचन किया। यह पोर्टल प्रभावित क्षेत्रों में खनिज न्यास निधि के उपयोग की पारदर्शी और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करेगा।
खनिज ऑनलाइन पोर्टल 2.0 के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल तकनीकी उन्नयन नहीं बल्कि राज्य की पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति अटूट संकल्प का प्रतीक है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने एमएसटीसी द्वारा निर्मित रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का उद्घाटन किया। इससे रेत खदानों का तेज और पारदर्शी आबंटन होगा तथा राज्य को रॉयल्टी और करों के माध्यम से करोड़ों रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी।
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री द्वारा गौण खनिज खदानों को स्टार अवॉर्ड प्रदान किए गए। पर्यावरण प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन के लिए 43 खदानों को सम्मानित किया गया, जिनमें 3 को 5 स्टार, 32 को 4 स्टार और 8 को 3 स्टार रेटिंग मिली।
इस आयोजन में मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, एसईसीएल बिलासपुर के मुख्य महाप्रबंधक श्री हरीश दुहन और खनिज एवं उद्योग क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ अब खनिज क्षेत्र में नवाचार, पारदर्शिता और टिकाऊ विकास के साथ देश में एक मॉडल राज्य के रूप में उभर रहा है।













